Sanskrit Subhashitas 154

Sanskrit
सर्वं परवशं दु:खं सर्वम् आत्मवशं सुखम्।
एतद् विद्यात् समासेन लक्षणं सुखदु:खयो:॥

Hindi
पराधीन के लिए सर्वत्र दुःख है और स्वाधीन के लिए सर्वत्र सुख। यह संक्षेप में सुख और दुःख के लक्षण हैं॥

English
There is pain everywhere for dependent and there is pleasure everywhere for independent. In short, these are the characteristics of pleasure and pain.

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